कानूनी जानकारी - घरेलू हिंसा से महिलाओ की सुरक्षा अधिनियम 2005 - कानूनी जानकारी

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Wednesday, May 2, 2018

कानूनी जानकारी - घरेलू हिंसा से महिलाओ की सुरक्षा अधिनियम 2005

 यह अधिनियम महिलाओ के संवेधानिक एवं कानूनी अधिकारों के सरक्षण के लिए भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया है । इस अधिनियम को पारित करने का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा से वचाना व उनके संवैधानिक अधिकारो की रक्षा करना है ।
घरेलू हिंसा क्या है ?
    इस अधिनियम के अनुसार घरेलू हिंसा का सम्बन्ध :-
* प्रतिवादी के किसी कार्य , लोप या आचरण से ही जिसमे व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्य , सुरक्षा , जीवन या किसी अंग को हानि या नुकसान हो । इसमे शारिरिक एवं मानसिक उत्पीडन , लैंगिक शोषण , मौखिक और भावनात्मक शोषण व आर्थिक उत्पीडन शामिल है । व्यथित व्यक्ति ओंर उसके किसी सम्बन्धी को दहेज या किसी अन्य सम्पत्ति की मांग के लिए हानि या नुकसान पहुचाना भी इसके अन्तर्गत आता है ।
         इस अधिनयम के अतर्गत केवल पत्नी ही नही बल्कि वहन , विधवा , माँ , अथवा परिवार के किसी भी सदस्य पर शारिरिक , मानसिक , लैंगिक , भावानात्मक एवं आर्थिक उत्पीडन को घरेलू हिंसा माना गया है ।

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